ग्रंथवाल्मीकि रामायणअरण्यकाण्डसर्ग 6767.9वाल्मीकि रामायण 67.9क्रुद्धो रामः शरम् घोरम् संधाय धनुषि क्षुरम् । ततः पर्वत कूट आभम् महा भागम् द्विज उत्तमम् ॥३-६७-९॥पिछलाअगलापूरा अध्याय