ग्रंथवाल्मीकि रामायणअरण्यकाण्डसर्ग 6161.6वाल्मीकि रामायण 61.6सीताया रहितो अहम् वै न हि जीवामि लक्ष्मण । वृतम् शोकेन महता सीता हरणजेन माम् ॥३-६१-६॥पिछलाअगलापूरा अध्याय