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वाल्मीकि रामायण 61.10

माम् इह उत्सृज्य करुणम् कीर्तिः नरम् इव अन्ऋजुम् ।
क्व गच्चसि वरारोहे मा मोत्सृज्य - मा मा उत्सृज्य - सुमध्यमे ॥३-६१-१०॥

पूरा अध्याय