ग्रंथवाल्मीकि रामायणअरण्यकाण्डसर्ग 6060.30वाल्मीकि रामायण 60.30व्यक्तम् सा भक्षिता बाला राक्षसैः पिशित अशनैः । विभज्य अंगानि सर्वाणि मया विरहिता प्रिया ॥३-६०-३०॥पिछलाअगलापूरा अध्याय