ग्रंथवाल्मीकि रामायणअरण्यकाण्डसर्ग 6060.20वाल्मीकि रामायण 60.20अहो त्वम् कर्णिकार अद्य पुष्पितः शोभसे भृशम् । कर्णिकार प्रियाम् साध्वीम् शंस दृष्टा यदि प्रिया ॥३-६०-२०॥पिछलाअगलापूरा अध्याय