ग्रंथवाल्मीकि रामायणअरण्यकाण्डसर्ग 6060.19वाल्मीकि रामायण 60.19यदि दृष्टा त्वया सीता जम्बो जांबूनद सम प्रभा । प्रियाम् यदि विजानासि निःशंक कथयस्व मे ॥३-६०-१९॥पिछलाअगलापूरा अध्याय