Utshovऐप डाउनलोड करें

वाल्मीकि रामायण 56.12

गत आयुः त्वम् गत श्रीकः गत सत्त्वो गत इन्द्रियः ।
लंका वैधव्य संयुक्ता त्वत् कृतेन भविष्यति ॥३-५६-१२॥

पूरा अध्याय