Utshovऐप डाउनलोड करें

वाल्मीकि रामायण 55.32

शोक आर्तम् तु वरारोहे न भ्राजति वर आनने ।
एवम् वदति तस्मिन् सा वस्त्र अन्तेन वर अंगना ॥३-५५-३२॥

पूरा अध्याय