ग्रंथवाल्मीकि रामायणअरण्यकाण्डसर्ग 5454.12वाल्मीकि रामायण 54.12प्रविवेश पुरीम् लन्काम् रूपिणीम् मृत्युम् आत्मनः । सः अभिगम्य पुरीम् लंकाम् सुविभक्त महापथाम् ॥३-५४-१२॥पिछलाअगलापूरा अध्याय