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वाल्मीकि रामायण 52.8

क्रोशन्तीम् राम राम इति रामेण रहिताम् वने ।
जीवित अन्ताय केशेषु जग्राह अन्तक संनिभः ॥३-५२-८॥

पूरा अध्याय