Utshovऐप डाउनलोड करें

वाल्मीकि रामायण 52.35

नलिन्यो ध्वस्त कमलाः त्रस्त मीन जले चराः ।
सखीम् इव गत उत्साहाम् शोचन्ति इव स्म मैथिलीम् ॥३-५२-३५॥

पूरा अध्याय