ग्रंथवाल्मीकि रामायणअरण्यकाण्डसर्ग 5252.25वाल्मीकि रामायण 52.25तस्या भूषण घोषेण वैदेह्या राक्षस अधिपः । बभूव विमलो नीलः सघोष इव तोयदः ॥३-५२-२५॥पिछलाअगलापूरा अध्याय