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वाल्मीकि रामायण 51.43

स छिन्न पक्षः सहसा रक्षसा रौद्र कर्मणा ।
निपपात महा गृध्रो धरण्याम् अल्प जीवितः ॥३-५१-४३॥

पूरा अध्याय