ग्रंथवाल्मीकि रामायणअरण्यकाण्डसर्ग 4949.6वाल्मीकि रामायण 49.6सद्यः सौम्यम् परित्यज्य तीक्ष्ण रूपम् स रावणः । स्वम् रूपम् काल रूप आभम् भेजे वैश्रवण अनुजः ॥३-४९-६॥पिछलाअगलापूरा अध्याय