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वाल्मीकि रामायण 49.14

कैः गुणैः अनुरक्ता असि मूढे पण्डित मानिनि ।
यः स्त्रिया वचनात् राज्यम् विहाय ससुहृत् जनम् ॥३-४९-१४॥

पूरा अध्याय