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वाल्मीकि रामायण 48.12

हस्ति अश्व रथ संभाधा तूर्य नाद विनादिता ।
सर्व काम फलैः वृक्षैः संकुल उद्यान भूषिता ॥३-४८-१२॥

पूरा अध्याय