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वाल्मीकि रामायण 47.46

यद् अंतरम् कांचन सीस लोहयोःयद् अंतरम् चन्दन वारि पंकयोः ।
यद् अंतरम् हस्ति बिडालयोः वनेतद् अंतरम् दशरथेः तव एव च ॥३-४७-४६॥

पूरा अध्याय