ग्रंथवाल्मीकि रामायणअरण्यकाण्डसर्ग 4545.21वाल्मीकि रामायण 45.21अब्रवीत् परुषम् वाक्यम् लक्ष्मणम् सत्य वादिनम् । अनार्य करुणारंभ नृशंस कुल पांसन ॥३-४५-२१॥पिछलाअगलापूरा अध्याय