ग्रंथवाल्मीकि रामायणअरण्यकाण्डसर्ग 4242.18वाल्मीकि रामायण 42.18वैदूर्य संकाश खुरः तनु जंघः सुसंहतः । इन्द्र आयुध सवर्णेन पुच्छेन ऊर्ध्वम् विराजितः ॥३-४२-१८॥पिछलाअगलापूरा अध्याय