ग्रंथवाल्मीकि रामायणअरण्यकाण्डसर्ग 3535.7वाल्मीकि रामायण 35.7मेघ प्रतिम नादेन स तेन धनद अनुजः । राक्षसाधिपतिः श्रीमान् ययौ नद नदी पतिम् ॥३-३५-७॥पिछलाअगलापूरा अध्याय