ग्रंथवाल्मीकि रामायणअरण्यकाण्डसर्ग 3232.21वाल्मीकि रामायण 32.21कर्कशम् निरनुक्रोशम् प्रजानाम् अहिते रतम् । रावणम् सर्व भूतानाम् सर्व लोक भयावहम् ॥३-३२-२१॥पिछलाअगलापूरा अध्याय