Utshovऐप डाउनलोड करें

वाल्मीकि रामायण 29.20

सर्वथा तु लघुत्वम् ते कत्थनेन विदर्शितम् ।
सुवर्ण प्रतिरूपेण तप्तेन इव कुश अग्निना ॥३-२९-२०॥

पूरा अध्याय