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वाल्मीकि रामायण 20.24

भ्रातुः समीपे शोक आर्ता ससर्ज निनदम् महत् ।
सस्वरम् मुमोच बाष्पम् विवर्ण वदना तदा ॥३-२०-२४॥

पूरा अध्याय