Utshovऐप डाउनलोड करें

वाल्मीकि रामायण 16.10

अत्यन्त सुख संचारा मध्याह्ने स्पर्शतः सुखाः ।
दिवसाः सुभग आदित्याअः छाया सलिल दुर्भगाः ॥३-१६-१०॥

पूरा अध्याय