Utshovऐप डाउनलोड करें

वाल्मीकि रामायण 15.21

पर्णशालाम् सुविपुलाम् तत्र संघात मृत्तिकाम् ।
सुस्तंभाम् मस्करैर् दीर्घैः कृत वंशाम् सुशोभनाम् ॥३-१५-२१॥

पूरा अध्याय