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वाल्मीकि रामायण 92.15

वेपमाना कृशा दीना सह देव्या सुमित्रया ।
कौसल्या तत्र जग्राह कराभ्यां चरणौ मुनेः ॥ २.९२.१५॥

पूरा अध्याय