Utshovऐप डाउनलोड करें

वाल्मीकि रामायण 83.4

षष्ठी रथ सहस्राणि धन्विनो विविध आयुधाः ।
अन्वयुर् भरतम् यान्तम् राज पुत्रम् यशस्विनम् ॥२-८३-४॥

पूरा अध्याय