ग्रंथवाल्मीकि रामायणअयोध्याकाण्डसर्ग 8181.11वाल्मीकि रामायण 81.11स कान्चनमयम् पीठम् पर अर्ध्य आस्तरण आवृतम् । अध्यास्त सर्व वेदज्ञो दूतान् अनुशशास च ॥२-८१-११॥पिछलाअगलापूरा अध्याय