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वाल्मीकि रामायण 8.26

साहं त्वदर्थे संप्राप्ता त्वं तु मां नावबुध्यसे ।
सपत्निवृद्दौ या मे त्वं प्रदेयं दातुमिच्चिसि ॥२-८-२६॥

पूरा अध्याय