Utshovऐप डाउनलोड करें

वाल्मीकि रामायण 67.9

न अराजले जन पदे विद्युन् माली महा स्वनः ।
अभिवर्षति पर्जन्यो महीम् दिव्येन वारिणा ॥२-६७-९॥

पूरा अध्याय