ग्रंथवाल्मीकि रामायणअयोध्याकाण्डसर्ग 6666.6वाल्मीकि रामायण 66.6न लुब्धो बुध्यते दोषान् किम् पाकम् इव भक्षयन् । कुब्जा निमित्तम् कैकेय्या राघवाणान् कुलम् हतम् ॥२-६६-६॥पिछलाअगलापूरा अध्याय