Utshovऐप डाउनलोड करें

वाल्मीकि रामायण 61.7

महा इन्द्र ध्वज सम्काशः क्व नु शेते महा भुजः ।
भुजम् परिघ सम्काशम् उपधाय महा बलः ॥२-६१-७॥

पूरा अध्याय