ग्रंथवाल्मीकि रामायणअयोध्याकाण्डसर्ग 5959.27वाल्मीकि रामायण 59.27हा राम राम अनुज हा हा वैदेहि तपस्विनी । न माम् जानीत दुह्खेन म्रियमाणम् अनाथवत् ॥२-५९-२७॥पिछलाअगलापूरा अध्याय