ग्रंथवाल्मीकि रामायणअयोध्याकाण्डसर्ग 5454.31वाल्मीकि रामायण 54.31ऋषयः तत्र बहवो विहृत्य शरदाम् शतम् । तपसा दिवम् आरूधाः कपाल शिरसा सह ॥२-५४-३१॥पिछलाअगलापूरा अध्याय