ग्रंथवाल्मीकि रामायणअयोध्याकाण्डसर्ग 5151.22वाल्मीकि रामायण 51.22रथ अश्व गज सम्बाधाम् तूर्य नाद विनादिताम् । सर्व कल्याण सम्पूर्णाम् हृष्ट पुष्ट जन आकुलाम् ॥२-५१-२२॥पिछलाअगलापूरा अध्याय