ग्रंथवाल्मीकि रामायणअयोध्याकाण्डसर्ग 4949.11वाल्मीकि रामायण 49.11गत्वा तु सुचिरम् कालम् ततः शीत जलाम् नदीम् । गोमतीम् गोयुत अनूपाम् अतरत् सागरम् गमाम् ॥२-४९-११॥पिछलाअगलापूरा अध्याय