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वाल्मीकि रामायण 48.34

नष्टज्वलनसम्पाता प्रशान्ताध्यायसत्कथा ।
तिमिरेणाभिलिप्तेव तदा सा नगरी बभौ ॥२-४८-३४॥

पूरा अध्याय