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वाल्मीकि रामायण 40.20

ततः सबाल वृद्धा सा पुरी परम पीडिता ।
रामम् एव अभिदुद्राव घर्म आर्तः सलिलम् यथा ॥२-४०-२०॥

पूरा अध्याय