ग्रंथवाल्मीकि रामायणअयोध्याकाण्डसर्ग 4040.19वाल्मीकि रामायण 40.19तत् समाकुल सम्भ्रान्तम् मत्त सम्कुपित द्विपम् । हय शिन्जित निर्घोषम् पुरम् आसीन् महा स्वनम् ॥२-४०-१९॥पिछलाअगलापूरा अध्याय