ग्रंथवाल्मीकि रामायणअयोध्याकाण्डसर्ग 3434.44वाल्मीकि रामायण 34.44चतुर्दश समा वत्स्ये वने वनचरैः सह । मा विमर्शो वसुमती भरताय प्रदीयताम् ॥२-३४-४४॥पिछलाअगलापूरा अध्याय