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वाल्मीकि रामायण 34.33

अद्य तु इदानीम् रजनीम् पुत्र मा गच्च सर्वथा ।
मातरम् माम् च सम्पश्यन् वस इमाम् अद्य शर्वरीम् ॥२-३४-३३॥

पूरा अध्याय