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वाल्मीकि रामायण 31.29

सत्कृत्य निहितम् सर्वम् एतत् आचार्य सद्मनि ।
स त्वम् आयुधम् आदाय क्षिप्रम् आव्रज लक्ष्मण ॥२-३१-२९॥

पूरा अध्याय