ग्रंथवाल्मीकि रामायणअयोध्याकाण्डसर्ग 2525.43वाल्मीकि रामायण 25.43द्रक्ष्यामि त्वाम् वनात्र्पाप्तम् पूर्णचन्द्रमिवोदितम् । भद्रासनगतम् राम वनवासादिहागतम् ॥२-२५-४३॥पिछलाअगलापूरा अध्याय