Utshovऐप डाउनलोड करें

वाल्मीकि रामायण 24.26

अपि या निर्नमस्कारा निवृत्ता देवपूजनात् ।
शुश्रूषम् एव कुर्वीत भर्तुः प्रिय हिते रता ॥२-२४-२६॥

पूरा अध्याय