ग्रंथवाल्मीकि रामायणअयोध्याकाण्डसर्ग 2222.4वाल्मीकि रामायण 22.4उपक्लुप्तम् हि यत्किम्चिदभिषेकार्थमद्य मे । स्र्वम् विसर्जय क्षिप्रम् कुरु कार्यम् निरत्ययम् ॥२-२२-४॥पिछलाअगलापूरा अध्याय