ग्रंथवाल्मीकि रामायणअयोध्याकाण्डसर्ग 2121.32वाल्मीकि रामायण 21.32जामदग्न्येन रामेण रेणुका जननी स्वयम् । कृत्ता परशुना अरण्ये पितुर् वचन कारिणा ॥२-२१-३२॥पिछलाअगलापूरा अध्याय