ग्रंथवाल्मीकि रामायणअयोध्याकाण्डसर्ग 1616.16वाल्मीकि रामायण 16.16लक्षयित्वा हि अभिप्रायम् प्रिय कामा सुदक्षिणा । सम्चोदयति राजानम् मद् अर्थम् मदिर ईक्षणा ॥२-१६-१६॥पिछलाअगलापूरा अध्याय