ग्रंथवाल्मीकि रामायणअयोध्याकाण्डसर्ग 1414.5वाल्मीकि रामायण 14.5तथ हि अलर्कः तेजस्वी ब्राह्मणे वेद पारगे । याचमाने स्वके नेत्रेउद्ध्Rत्य अविमना ददौ ॥२-१४-५॥पिछलाअगलापूरा अध्याय