ग्रंथवाल्मीकि रामायणअयोध्याकाण्डसर्ग 1212.38वाल्मीकि रामायण 12.38पारम् शोकार्णवस्याशु प्रार्थयन्तम् पुनः पुनः । प्रत्युवाचाथ कैकेयी रौद्रा रौद्रातरम् वचः ॥२-१२-३८॥पिछलाअगलापूरा अध्याय