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वाल्मीकि रामायण 114.17

सहसा युद्धशौण्डेन हयारोहेण वाहिताम् ।
निक्षिप्तभाण्डामुत्सृष्टां किशोरीमिव दुर्बलाम् ॥ २.११४.१७॥

पूरा अध्याय